GAYA: बिहार का यह पवित्र शहर विष्णुपद मंदिर, महाबोधि मंदिर और पिंडदान की परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। जानिए गया के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की पूरी जानकारी!
GAYA: बिहार का एक ऐतिहासिक और धार्मिक नगर है, जो हिंदू और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह शहर न केवल पिंडदान और मोक्ष प्राप्ति के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि भगवान बुद्ध की तपोभूमि के रूप में भी जाना जाता है। गंगा नदी की सहायक फल्गु नदी के किनारे स्थित गया का इतिहास सदियों पुराना है, जिसमें कई धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक घटनाएँ समाहित हैं।
Gaya History: गया का ऐतिहासिक महत्व
गया का उल्लेख वेदों, पुराणों और रामायण-महाभारत जैसे महाकाव्यों में मिलता है। कहा जाता है कि भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण ने अपने पिता दशरथ के पिंडदान के लिए इस पवित्र भूमि की यात्रा की थी। महाभारत में भी गया को मोक्ष प्राप्ति का स्थान बताया गया है।
गया का नाम महर्षि गयासुर के नाम पर पड़ा, जो एक पौराणिक असुर थे। कथा के अनुसार, गयासुर ने ऐसी कठोर तपस्या की कि देवता भी भयभीत हो गए। भगवान विष्णु ने उसे आशीर्वाद दिया कि उसकी देह स्वयं एक तीर्थ स्थल बन जाएगी, जहाँ लोग आकर पिंडदान कर सकेंगे और मोक्ष प्राप्त कर सकेंगे। यही कारण है कि गया को हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल माना जाता है।
Buddhist Sites in Gaya: बौद्ध धर्म में गया का महत्व
गया न केवल हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए बल्कि बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। बोधगया, जो गया से लगभग 16 किलोमीटर दूर स्थित है, वह स्थान है जहाँ भगवान गौतम बुद्ध ने पीपल के वृक्ष (अब महाबोधि वृक्ष) के नीचे ज्ञान प्राप्त किया था। महाबोधि मंदिर, जो यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है, बुद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र स्थान है।
Historical Places in Gaya: गया के प्रमुख धार्मिक स्थल
- विष्णुपद मंदिर (Vishnupad Mandir Gaya) – यह मंदिर भगवान विष्णु के पदचिह्न पर बना है और हिंदू तीर्थयात्रियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है।
- महाबोधि मंदिर (Mahabodhi Mandir Bodhgaya) – बौद्ध धर्म का प्रमुख स्थल, जहाँ भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था।
- सूर्यकुंड (Surya Kund in Gaya) – यह एक पवित्र कुंड है, जहाँ श्रद्धालु स्नान कर अपने पापों से मुक्ति पाने का विश्वास रखते हैं।
- प्रेतशिला (PretShila in GAYA) – यह स्थान हिंदू धर्म में पिंडदान के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
Gaya Religious Tourism: गया का सांस्कृतिक और पर्यटन महत्व
गया न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यहाँ प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। गया का पारंपरिक व्यंजन ‘लिट्टी-चोखा’ और ‘खाजा’ भी बहुत प्रसिद्ध हैं।
Pinddaan in Gaya: गया विशेष रूप से ‘पितृपक्ष मेला’ के लिए मशहूर है, जिसमें हजारों लोग अपने पूर्वजों के तर्पण और पिंडदान के लिए आते हैं। यह पर्व भाद्रपद महीने में 15 दिनों तक चलता है और हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व है।
गया एक ऐसा नगर है जो आस्था, इतिहास और संस्कृति का संगम है। यह स्थान हिंदू और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि ऐतिहासिक शोधकर्ताओं और पर्यटकों के लिए। गया की पवित्रता, यहाँ के मंदिरों की भव्यता और आध्यात्मिक शांति इसे दुनिया भर के श्रद्धालुओं के लिए एक अनूठा तीर्थ स्थल बनाती है।
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